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Tuesday, May 10, 2016

BEST HINDI SHAYRI COLLECTION बेस्ट हिन्दी शायरी संग्रह

BEST HINDI SHAYRI COLLECTION 
बेस्ट हिन्दी शायरी संग्रह 
 
दिल है कदमों पर किसी के सिर झुकाया ही न हो।
बंदगी तो अपनी फितरत है, खुदा हो या न हो।।
यह जनूं भी क्या जनूं, यह हाल भी क्या हाल है।
हम कहे जाते हैं, कोई सुन रहा हो या न हो।।
-- जिगर

दुनिया का अजीब कारखाना देखा,
किस-किसका न याँ हमने जमाना देखा।
बरसों रहा जिनके, सिर पर छ्तरे-जरी,
तुरबत पै न उनकी शामियाना देखा।।
-- अनीस

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ।
बाजार से गुजरा हूँ, खरीदार नहीं हूँ।।
वह गुल हूँ खिजा ने जिसे बरबाद किया है।
उलझूं किसी दामन से, मैं वो खार नहीं हूँ ।।
-- अकबर

जमाने में उसने बड़ी बात कर ली।
खुद अपने से जिसने मुलाकात कर ली ।।
-- अज्ञात

कितने मुफलिस हो गये, कितने तवंगर हो गये।
खाक में जब मिल गये, दोनों बराबर हो गये ।।
-- जौक


Wednesday, May 27, 2015

जिंदगी पर बेहतरीन शायरी


जिंदगी पर बेहतरीन शायरी -

अकबर जो जिंदगी को भी समझे न जिंदगी,
उन हस्तियों से मौत भी खुद शर्मसार है।
-- अकबर उदयपुरी
जिंदगी इक आंसुओं का जाम था,
पी गये कुछ और कुछ छलका गये।
-- शाहिद कबीर
दो दिन की जिंदगी में क्या कुछ करेगा कोई,
आने का एक दिन है, जाने का एक दिन है।
-- अरशद इटावी
अब भी इक उम्र पे, जीने का न अंदाज आया,
जिन्दगी छोड़ दे पीछा मेरा, मैं बाज आया।
-- शाद अजीमाबादी
गुर जिंदगी के सीखे, खिलती हुई कली से,
लब पर है मुस्कुराहट, दिल खून हो रहा है।
-- फिराक गोरखपुरी
जिन्दगी की राहों में, गम भी साथ चलते हैं,
कोई गम में हंसता है, कोई गम में रोता है।
-- खातिर गजनवी

Monday, October 6, 2014

गम पर बेहतरीन शायरी BEST SHAYRI ON GAM :-


गम पर बेहतरीन शायरी
Samajh kar raham dil, tumko diya tha hmne dil apna.
Magar tum to bla nikle gjb nikle sitam nikle.
-- Dag

Isse badhkar dost koi dusra hota nhin.
Sab juda ho jaye gam juda hota nhin.
-- Jigar

Koi hans ke mra duniya men, koi ro ke mra.
Jindgi paai mgr usne, jo kuchh hoke mra.
-- Akbar

Kitne gmon ko hmne, hns kar chhupa liya hai,
Kuchh gam ' amir' lekin, ashkon me dhal rhe hain.
-- Amir

Aankhe kisi ke husn ka manjar liye huye,
Roti hai aansuon ka samndar liye huye.
-- Falak Dehlvi

समझ कर रहमदिल, तुमको दिया था हमने दिल अपना।
मगर तुम तो बला निकले गजब निकले सितम निकले।।
-- दाग

इससे बढ़कर दोस्त कोई दूसरा होता नहीं।
सब जुदा हो जाए गम जुदा होता नहीं।
-- जिगर

कोई हँस के मरा दुनिया में, कोई रो के मरा।
जिंदगी पाई मगर उसने, जो कुछ हो के मरा।।
-- अकबर

कितने गमों को हमने, हँस कर छुपा लिया है।
कुछ गम 'अमीर' लेकिन, अश्कों में ढल रहे हैं।।
-- अमीर

आंखे किसी के हुस्न का मंजर लिए हुए,
रोती है आंसुओं का समन्दर लिए हुए।
-- फलक देहलवी