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Friday, March 4, 2016

शेरो-शायरी : बज़्म, महफ़िल

बेस्ट हिन्दी शायरी मैसेज कलेक्शन 
BEST HINDI SHAYRI MESSAGE COLLECTION


मुझे तो होश न था उनकी बज़्म में लेकिन,
खमोशियों ने मेरी उनसे कुछ कलाम किया।
-- बहज़ाद लखनवी
वो आए बज़्म में इतना तो मीर ने देखा,
फिर उसके बाद चिराग़ों में रौशनी न रही।
-- मीर तक़ी मीर
याद रखना हम अगर इससे निकाले जायेंगे,
अपनी इक महफ़िल सजा लेंगे तेरी महफ़िल के पास।
-- दाग़
भरी महफ़िल में हर इक से बचाकर,
तेरी आंखों ने मुझसे बात कर ली।
-- फिराक़ गोरखपुरी
चिराग़ बनके जले हैं तुम्हारी महफ़िल में,
वो जिनके घर में कभी रौशनी नहीं होती।
-- नरेश कुमार शाद

Wednesday, April 2, 2014

जनाब अकबर इलाहाबादी के शैर :-


Janab Akbar Ilahabadi ke Sher -

उन्हीं के मतलब की कह रहा हूं,
जबान मेरी है बात उनकी।
उन्हीं की महफ़िल संवारता हूं,
चिराग मेरा है रात उनकी।
फकत मेरा हाथ चल रहा है,
उन्हीं का मतलब निकल रहा है।
उन्हीं का मजमूं, उन्हीं का कागज,
कलम उन्हीं की, दवात उनकी।
                -- अकबर इलाहाबादी

Saturday, January 18, 2014

बेस्ट हिन्दी शायरी :-


बेस्ट हिन्दी शायरी :-

गुजार दे जिसे आसां वो जिंदगी भी नहीं
सुकून भी है मगर दर्द में कमी भी नहीं
मिले हैं यूं तो नये रंग भी ख्यालों को
बिखर गई है जो महफ़िल वो भूलती भी नहीं।
      -- फरीद जावेद (मशहूर पाकिस्तानी शायर)