Wednesday, October 22, 2014

दीपावली 2014 - दीपपर्व पर बेहतरीन शायरी


दीपावली 2014 - दीपपर्व पर बेहतरीन शायरी
BEST HINDI SHAYRI ON DIWALI 2014 -
बेस्ट शायरी दीवाली 2014 -

SIRF IS MUHBBAT KI ROSHANI TO BAKI HAI,
VRNA JIS TARAF DEKHO, DOOR TK ANDHERA HAI.
-- KAMAR SIDDIKI

JIN CHIRAGON SE TASSUM  KA DHUAAN UTHTA HAI,
UN CHIRAGON KO BUJHA DO KI UJALA HO JAYE.
-- AMIR KJLBAS

UJALE APNI YADON KE HMARE PAS RHNE DO,
N JANE KIS GLI ME, JINDGI KI SHAM HO JAYE.
-- BASHIR BADRA

GUJRTE VAKT KE BUJHTE HUYE CHIRAGON SE,
NYE CHIRAG JLAO TO KOI BAT BNE.
-- MAHIR IKBAL ILAHABADI

दीपावली 2014 - दीपपर्व पर बेहतरीन शायरी 

सिर्फ इस मुहब्बत की रोशनी तो बाकी है,
वरना जिस तरफ देखो, दूर तक अंधेरा है।
-- कमर सिद्दीकी

जिन चिरागों तअस्सुम का धुआं उठता है,
उन चिरागों को बुझा दो कि उजाला हो जाए।
-- अमीर कजलबास

उजाले अपनी यादों के हमारे पास रहने दो,
न जाने किस गली में, जिंदगी की शाम हो जाए।
-- बशीर बद्र

गुजरते वक्त के बुझते हुए चिरागों से,
नये चिराग जलाओ तो कोई बात बने।
-- माहिर इकबाल इलाहाबादी

Saturday, October 18, 2014

मुहब्बत पर बेहतरीन शायरी -


BEST SHAYRI ON MUHBBAT -

मुहब्बत पर बेहतरीन शायरी -

Muhbbat ko hnsi khel aaj tune kah diya nadan
Khabar hai kuchh muhbbat ki? Bdi tklif hoti hai.
-- Firak

Mujhko tujhse jo kuchh muhbbat hai
Yh muhbbat nhin hai aaft hai.
-- Dard

Yah buton ki muhbbat bhi kya chij hai,
Dillagi-dillagi me khuda mil gya.
-- Fna kanpuri

Ab itra bhi mlo to muhbbat ki boo nhin,
Vo din hwa huye ki psina gulab tha.
-- Madhoram 'Jauhar'

'Anis' aasan nhin aabad krna ghar muhbbat ka,
Ye unka kam hai jo jindgi barbad karte hain.
-- Meer Anis

-- मुहब्बत पर बेहतरीन शायरी -

मुहब्बत को हंसी-खेल आज तूने कह दिया नादां
खबर है कुछ मुहब्बत की? बड़ी तकलीफ होती है।
-- फिराक

मुझको तुझसे जो कुछ मुहब्बत है
यह मुहब्बत नहीं है, आफत है।
-- दर्द

यह बुतों की मुहब्बत भी क्या चीज है।
दिल्लगी-दिल्लगी में खुदा मिल गया।।
-- फना कानपुरी

अब इत्र भी मलो तो मोहब्बत की बू नहीं,
वो दिन हवा हुए कि पसीना गुलाब था।
-- माधोराम "जौहर"

'अनीस' आसां नहीं आबाद करना घर मुहब्बत का,
ये उनका काम है जो जिंदगी बर्बाद करते हैं।
-- मीर अनीस


Monday, October 6, 2014

गम पर बेहतरीन शायरी BEST SHAYRI ON GAM :-


गम पर बेहतरीन शायरी
Samajh kar raham dil, tumko diya tha hmne dil apna.
Magar tum to bla nikle gjb nikle sitam nikle.
-- Dag

Isse badhkar dost koi dusra hota nhin.
Sab juda ho jaye gam juda hota nhin.
-- Jigar

Koi hans ke mra duniya men, koi ro ke mra.
Jindgi paai mgr usne, jo kuchh hoke mra.
-- Akbar

Kitne gmon ko hmne, hns kar chhupa liya hai,
Kuchh gam ' amir' lekin, ashkon me dhal rhe hain.
-- Amir

Aankhe kisi ke husn ka manjar liye huye,
Roti hai aansuon ka samndar liye huye.
-- Falak Dehlvi

समझ कर रहमदिल, तुमको दिया था हमने दिल अपना।
मगर तुम तो बला निकले गजब निकले सितम निकले।।
-- दाग

इससे बढ़कर दोस्त कोई दूसरा होता नहीं।
सब जुदा हो जाए गम जुदा होता नहीं।
-- जिगर

कोई हँस के मरा दुनिया में, कोई रो के मरा।
जिंदगी पाई मगर उसने, जो कुछ हो के मरा।।
-- अकबर

कितने गमों को हमने, हँस कर छुपा लिया है।
कुछ गम 'अमीर' लेकिन, अश्कों में ढल रहे हैं।।
-- अमीर

आंखे किसी के हुस्न का मंजर लिए हुए,
रोती है आंसुओं का समन्दर लिए हुए।
-- फलक देहलवी

Thursday, September 4, 2014

मुहब्बत पर बेहतरीन शायरी :-


मुहब्बत पर बेहतरीन शायरी :-

Apni tabahiyon ka mujhe koi gm nhin,
Tumne kisi ke sath muhbbt nibha to di.
-- Sahir Ludhiyanvi

Galat hai dil ka lgana bura hai,
Muhbbt ka lekin jmana bura hai.
-- raunak

Dil dard muhbbt se khali n mila koi,
In aag ke sholon se damn n bcha koi.
-- 'Umar'

Shabe-gm me tare lutata rha hun,
Muhbbt me aansu bhata rha hun.
-- 'Anvr' Aajmi

Ab iske shiva aur muhbbt me rha kya,
Aai jo teri yad to aansu nikl aaye.
-- Asgr mushtaq

अपनी तबाहियों का मुझे कोई गम नहीं,
तुमने किसी के साथ मुहब्बत निभा तो दी।
-- साहिर लुधियानवी

गलत है दिल का लगाना बुरा है,
मुहब्बत का लेकिन जमाना बुरा है।
-- रौनक

दिल दर्द मुहब्बत से खाली न मिला कोई,
इन आग के शोलों से दामन न बचा कोई।
-- उमर

शबे-गम में तारे लुटाता रहा हूं,
मुहब्बत में आंसू बहाता रहा हूं।
-- अनवर आजमी

अब इसके सिवा और मुहब्बत में रहा क्या,
आई जो तेरी याद तो आंसू निकल आये।
-- असगर मुश्ताक


Sunday, August 17, 2014

Krishna Janmastami 2014 Special Shayri


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शायरी SMS -
जन्माष्टमी विशेष ( 18 अगस्त 2014) - गजल

वृंदावन के कृष्ण कन्हैया अल्ला हू,
बंसी, राधा, गीता, गैया अल्ला हू.
थोड़े तिनके, थोड़े दाने, थोड़ा जल,
एक ही जैसी हर गोरैया अल्ला हू.
जैसा जिसका बरतन वैसा उसका तन,
घटती-बढ़ती गंगा मैया अल्ला हू.
मौलवियों का सज्दा, पंडित की पूजा,
मजदूरों की हैया-हैया अल्ला हू.
राजस्थानी राखी मुगल कलाई पर,
चिश्ती के वरदान का भैया अल्ला हू.
एक ही दर्या-नीला, पीला,लाल, हरा,
सबकी अपनी-अपनी नैया अल्ला हू.
                         -- निदा फाजली

Thursday, August 14, 2014

15 AUGUST 2014 - INDEPENDENCE DAY 2014 शायरी SMS :-


15 AUGUST 2014 - INDEPENDENCE DAY 2014 शायरी SMS

15 अगस्त 2014 - स्वतंत्रता दिवस पर शेरो शायरी :- 

वतन की राह पे मरना तो सीखिये पहले, 
पता चलेगा के ये मौत जिंदगी भी है।
-- सुहैल लखनवी

जान लोगे अपनी मिट्टी से जुदा रहने का कर्ब,
होगे जब परदेश में अक्सर वतन याद आएगा।
-- रूहत सईद अख्तर

ऐसे घर में रहना कैसा जो परदेश में हो,
अपने वतन की कुटिया यारो हमको ताजमहल।
-- जमाल हसन

हुआ जाता है कैसे मुल्क पर कुर्बान लिख देना,
तुम अपने खून से घर-घर में हिन्दुस्तान लिख देना।
-- नामालूम

जो लोग वतन के लिए मिट्टी में मिले हैं,
उन लोगों की मिट्टी से यहां फूल खिले हैं।
-- जिगर जालंधरी

Saturday, August 2, 2014

Friendship Day Best Shayri SMS (3 August 2014) :-


Friendship Day Best Shayri SMS (3 August 2014) :-
फ्रेंडशिप डे पर बेहतरीन शायरी (3 अगस्त 2014) -

बहुत छोटे हैं मुझसे मेरे दुश्मन,
जो मेरा दोस्त है मुझसे बड़ा है।
-- अहतर नफ़ीस

दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,
जब कभी हम दोस्त बन जाएं तो शर्मिन्दा न हों।
-- डॉ. बशीर बद्र

ऐ दोस्त आ भी जा के मैं तसदीक कर सकूं,
सब कह रहे हैं आज फ़िजा खुशगवार है।
-- ख़ुमार बाराबंकवी

न किसी दोस्त ने पूछा न किसी दुश्मन ने,
मुद्दतों शहर में अपना यही सामान रहा।
-- तोराब शैदा

न जाने कब मौत का पैगाम आ जाए,
जाने कब जिंदगी की शाम आ जाए,
मुझे उस दिन का इन्तेजार है ऐ दोस्त,
मेरी जिंदगानी तेरे काम आ जाए।
-- आसिफ रजा

Friday, July 25, 2014

महान शायरों की हृदयस्पर्शी शायरी -


महान शायरों की हृदयस्पर्शी शायरी :-

गुन्चों के मुस्कुराने पे कहते हैं हंस के फूल।
अपना करो ख्याल, हमारी तो कट गई।।
-- शाद अजीमाबादी

फूल बनने की तमन्ना हर कली के दिल में है।
फस्ले-गुल है मुनित्जीर गुलशन में कब आते हैं आप।।
-- शमीम काकोरवी

अब इत्र भी मलो तो मुहब्बत की बू नहीं।
वो दिन हवा हुए कि पसीना गुलाब था।।
-- माधोराम 'जौहर'

वो हैं कि हर इक सांस पे इक ताजा सितम है,
हम हैं कि किसी बात का शिकवा नहीं करते।
-- फलक देहलवी

जिंदगी की राहों में, गम भी साथ चलते हैं,
कोई गम में हंसता है, कोई गम में रोता है।
-- खातिर गजनवी


Tuesday, July 15, 2014

Best Shayri :-


बेस्ट शायरी

इस चांदी के इक टुकड़े पर जां जाती है सर कटता है,
बेवा की जवानी लुटती है, मुफ़लिस का नशेमन जलता है।
हाँ, तेरी ही भोली बहनों के दिल इससे लुभाए जाते हैं,
चाँदी के ख़ुदाओं के दर पर मन भेंट चढ़ाए जाते हैं।
                                -- सुरैया 'नजर' फैजाबादी

रोशनी औरों के आंगन में गवारा न सही,
कम से कम अपने ही घर में तो उजाला कीजे।
क्या खबर कब वो चले आएंगे मिलने के लिए
रोज पलकों पे नई शम्में जलाया कीजे।
                                  -- राईस अख्तर

Thursday, July 3, 2014

बेस्ट शायरी Best Shayri :-


गुलशन वही, बहार वही, बुलबुलें वही,
लेकिन गुलों के हुस्न में, वो बात अब कहां ?
-- असर उस्मानी

जाने वाले कभी नहीं आते,
जाने वालों की याद आती है।
-- सिकंदर अली 'वज्द'

जिन्हें शक हो वो करें और खुदाओं की तलाश,
हम तो इंसान को दुनिया का खुद कहते हैं।
-- फिराक

हम इश्क के मारों का, बस इतना ही अफसाना है।
रोने को नहीं कोई, हंसने को जमाना है।
-- जिगर

खत्म होगा न जिंदगी का सफर।
मौत बस रास्ता बदलती है।।
-- साहिल मानिकपुरी