Thursday, March 20, 2014

जिगर मुरादाबादी का शैर :-


गुलशन परस्त हूं मुझे गुल ही नहीं अजीज
कांटों से भी निबाह किये जा रहा हूं मैं।

                            --जिगर मुरादाबादी

Monday, March 17, 2014

HOLI 2014 BEST SHAYRI IN HINDI :-


HOLI 2014 BEST SHAYRI IN HINDI :- 

EK RANG BHARI PICHKARI
VO ANGIYA PR TK MARI HO,
SINE SE RANG DHLKTE HO
TB DEKH BAHAREN HOLI KI.

BHUL KE SARE BHED BHAW
KHELO JM KR HOLI,
RANG BHRE AAKASH SE
BHAR LO KHUSHIYON KI JHOLI.

Thursday, March 13, 2014

होली के रंग शायरों के संग :-


होली विशेष 17 मार्च 2014 - शेरो-शायरी -
होली शायरी -
होली के रंग शायरों के संग :-

इक रंग भरी पिचकारी वो अँगिया पर तक कर मारी हो,
सीने से रंग ढलकते हों तब देख बहारें होली की!
                               -- 'नजीर' अकबराबादी

'नजीर' होली का मौसम जो जग में आता है
वह ऐसा कौन है होली नहीं मनाता है
कोई तो रंग छिड़कता है कोई गाता है
जो खाली रहता है वह देखने को जाता है।
                               -- नजीर अकबराबादी


होली पर नजीर अकबराबादी के काव्य फुहार :-


होली 2014 - शेरो-शारी 
होली पर नजीर अकबराबादी के काव्य फुहार :-

जब फागुन रंग झमकते हों तब देख बहारें होली की
और दफ़ के शोर खड़कते हों तब देख बहारें होली की
परियों के रंग दमकते हों तब देख बहारें होली की
ख़ुम, शीशए-जाम छलकते हों तब देख बहारें होली की

महबूब नशे में छकते हों तब देख बहारें होली की.

गुलजार खिले हों परियों के और मजलिस की तैयारी हो
कपड़ों पर रंग के छीटों से खुश रंग अजब गुलकारी हो
मुंह लाल, गुलाबी आंखे हों और हाथों में पिचकारी हो
उस रंग भरी पिचकारी को अंगिया पर तक कर मारी हो

सीनों से रंग ढलकते हों तब देख बहारें होली की।

और एक तरफ़ दिल लेने को महबूब भवैयों के लड़के
हर आन घड़ी गत भरते हों कुछ घट-घट के कुछ बढ़-बढ़ के
कुछ नाज जतावें लड़-लड़ के कुछ होली गावें अड़-अड़ के
कुछ लचकें शोख़ कमर पतली कुछ हाथ चले कुछ तन फडकें

कुछ काफ़िर नैन मटकते हों तब देख बहारें होली की।

                                               -- नजीर अकबराबादी

Thursday, February 27, 2014

महाशिवरात्रि पर्व विशेष (27 फरवरी 2014) :-


महाशिवरात्रि पर्व विशेष (27 फरवरी 2014) :-

ॐ नम: शिवाय
भगवान शंकर आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि लेकर आये। आपकी हर मनोकामना पूरी हो। "महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभ कामनाएं".
शुभ महाशिवरात्रि
Mahashiv ratri ki hardik shubh kamnayen. SHUBH MAHA SHIV RATRI.


Sunday, February 23, 2014

बशीर बद्र की गजल :-


बशीर बद्र की गजल -

सब कुछ खाक हुआ है लेकिन क्या नूरानी है
पत्थर नीचे बैठ गया है ऊपर बहता पानी है।

बचपन से मेरी आदत है फूल छुपाकर रखता हूं
हाथों में जलता सूरज है दिल में रात की रानी है।

दफ्न हुए रातों के किस्से इक ,की ख़ामोशी में
सन्नाटों की चादर ओढ़े ये दीवार पुरानी है।

उसको पाकर इतराओगे खोकर जान गवां दोगे
बादल का साया है दुनिया, हर शै आनी-जानी है।

तेरे बदन पर मैं फूलों से उस लम्हे का नाम लिखूं
जिस लम्हें का मैं अफ़साना, तू भी एक कहानी है।

                                         -- बशीर बद्र

प्रेम पर निदा फ़ाजली का शेर :-


प्रेम पर निदा फ़ाजली का शेर -

मोहब्बत एक खुशबू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हां नहीं रहता।
                                   -- निदा फ़ाजली

Saturday, February 8, 2014

Valentine Day best Hindi Shayri :-


VALENTINE DAY SPECIAL 2014 -

-- Roj khud se ek wada krta hun
tujhe is dil se bhulane ka irada krta hun,
apni hi bat se mukr jata hun
jane kyun tujhe pyar itna jyada krta hun.

-- Ikrar me shabdo ki ahmiyat nhin hoti
Dil ke jjbat ki aawaj nhin hoti,
Aankhe byan kr deti hai dil ki dastan
Mohbbt lfjon ki mohtaj nhin hoti.

-- Jhuki hui palkon se unka didar kiya
Sb kuchh bhula ke unka intjar kiya,
wo jan hi n paye jjbat mere
Jinhe duniya me maine sbse jyada pyar kiya.

-- khushiyon ka sansar lekar aayenge
Patjhd me bhi bahar lekr aayenge,
Jb bhi pukarenge aap pyar se hme
Jindgi se sanse udhar lekr aayenge.


Wednesday, February 5, 2014

वेलेंटाइन डे बेस्ट हिन्दी शायरी :-


वेलेंटाइन डे विशेष  - 
Valentine Day Best Hindi Shayri - 
Valentine Day Best Quots in Hindi -

-- दर्द को छुपाना कितना मुश्किल होता है
दिल टूटे तो मुस्कुराना कितना मुश्किल होता है,
सफर में जब कोई हो हर पल साथ तो
तन्हा लौट कर आना कितना मुश्किल होता है।

--
खुदा किसी को किसी पे फ़िदा ना करे,
फ़िदा करे तो कयामत तक जुदा ना करे।

--
हर एक शै है मोहब्बत के नूर से रौशन
ये रौशनी जो न हो जिंदगी अधूरी है।

--
तू नहीं तो जिंदगी में क्या रह जायेगा
दूर तक तन्हाइयों का वीराना रह जायेगा,
किसी भी राह में दूर न जाना ऐ दोस्त
वरना बिना प्यार के ये जमाना रह जायेगा।

--
हर घड़ी किसी का इंतजार होता है
जाने क्यूं ये दिल बेकरार होता है,
काश कोई समझ पाता इन खामोशियों को
खामोश रहने वालों को भी किसी से प्यार होता है।


Sunday, February 2, 2014

बसंत पंचमी शायरी (4 फरवरी 2014) :-


BASANT PANCHMI SHAYRI 2014 -

जब देखिये बसंत कि कैसी बसंत हो
आलम में जब बहार की लंगत हो
दिल को नहीं लगन ही मजे की लंगत हो
महबूब दिलबरों से निगह की लडंत हो
इशरत हो सुख हो ऐश हो और जी निश्चिन्त हो
जब देखिए बसंत कि कैसी बसंत हो।
                         -- नजीर अकबराबादी