Saturday, August 6, 2016

Friendship Day Best Shayri Message Collection in Hindi (Share your Friends)


Friendship Day Best Shayri Message Collection in Hindi (Share your Friends)
फ्रेंडशिप डे पर बेहतरीन शायरी हिन्दी में (अपने दोस्तों से शेयर करें) -

बहुत छोटे हैं मुझसे मेरे दुश्मन,
जो मेरा दोस्त है मुझसे बड़ा है।
-- अहतर नफ़ीस

दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,
जब कभी हम दोस्त बन जाएं तो शर्मिन्दा न हों।
-- डॉ. बशीर बद्र

ऐ दोस्त आ भी जा के मैं तसदीक कर सकूं,
सब कह रहे हैं आज फ़िजा खुशगवार है।
-- ख़ुमार बाराबंकवी

न किसी दोस्त ने पूछा न किसी दुश्मन ने,
मुद्दतों शहर में अपना यही सामान रहा।
-- तोराब शैदा

न जाने कब मौत का पैगाम आ जाए,
जाने कब जिंदगी की शाम आ जाए,
मुझे उस दिन का इन्तेजार है ऐ दोस्त,
मेरी जिंदगानी तेरे काम आ जाए।
-- आसिफ रजा

Sunday, July 10, 2016

बारिश पर बेहतरीन शेरो-शायरी - कहकशां - बारिश ,बरसात,घटा, मौसम

BEST HINDI/URDU SHAYARI COLLECTION OF BARASAT, BARISH, GHATA, MAUSAM
हिन्दी/उर्दू शायरी कहकशां - बारिश, बरसात,घटा, मौसम


प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं,
कैसा बादल है कि जिसका कोई भी साया भी नहीं।
-- क़तील शिफ़ाई


कभी किसी के छत पर कोई पत्थर फेंके मत बारिश में,
कहां जायेंगे लोग बेचारे टूट गई गर छत बारिश में।
-- स्व. मुकीम भारती


गुज़रे दिनों की याद बरसती घटा लगे,
गुजरूं जो उस गली से तो ठंडी हवा लगे।
-- क़तील शिफ़ाई


घनघोर घटाएं हैं आसार है बारिश के,
निकलो न अभी घर से कागज का बदन लेकर।
-- मोहसिन सुहैल


दिल में है लगी आग तो आंखों में हैं आंसू,
बरसात में जलता हुआ घर देख रहा हूं।
-- सुखनवर हुसैन


काश तुम घटा लेकर गेसुओं की आ जाते,
दिल पे आग बरसाई रात भर सितारों ने।
-- अमीर अली अमीर


Saturday, June 18, 2016

BEST SHAYARI COLLECTION OF RAMADAN हृदयस्पर्शी शेर ओ शायरी संग्रह : रमज़ान, रोज़ा

Ramadan Sher O Shayari Message in Hindi 


कैसे करूं बयाँ है दिल की अजब है हालत,
कितना ये खुशनुमा है रमजान का महीना।
-- अफ़ताब यासिर

इबादत का नसीहत का शेफ़ाअत का महीना है,
महे रमज़ान तो ऐ मोमिनो जन्नत का जीना है।
-- मोहसिन सुहैल

हम तो टूट जाते हैं तीस दिन के रोज़े में,
भूख में गरीबों की ज़िंदगी गुजरती है।
-- दिनेश दानिश

माहे रमजाँ वक्त से पहले नहीं आता मगर,
घर की हालत देख बच्चों ने रोज़ा रख लिया।
-- निदा फाजली

रहता है जो रोज़ा कभी भूखा न रहेगा,
दुनिया में रहे हश्र में प्यासा न रहेगा।
-- अहमद फतेहपुरी

Tuesday, May 10, 2016

BEST HINDI SHAYRI COLLECTION बेस्ट हिन्दी शायरी संग्रह

BEST HINDI SHAYRI COLLECTION 
बेस्ट हिन्दी शायरी संग्रह 
 
दिल है कदमों पर किसी के सिर झुकाया ही न हो।
बंदगी तो अपनी फितरत है, खुदा हो या न हो।।
यह जनूं भी क्या जनूं, यह हाल भी क्या हाल है।
हम कहे जाते हैं, कोई सुन रहा हो या न हो।।
-- जिगर

दुनिया का अजीब कारखाना देखा,
किस-किसका न याँ हमने जमाना देखा।
बरसों रहा जिनके, सिर पर छ्तरे-जरी,
तुरबत पै न उनकी शामियाना देखा।।
-- अनीस

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ।
बाजार से गुजरा हूँ, खरीदार नहीं हूँ।।
वह गुल हूँ खिजा ने जिसे बरबाद किया है।
उलझूं किसी दामन से, मैं वो खार नहीं हूँ ।।
-- अकबर

जमाने में उसने बड़ी बात कर ली।
खुद अपने से जिसने मुलाकात कर ली ।।
-- अज्ञात

कितने मुफलिस हो गये, कितने तवंगर हो गये।
खाक में जब मिल गये, दोनों बराबर हो गये ।।
-- जौक


Saturday, May 7, 2016

मदर्स डे बेस्ट हिन्दी मैसेज Mothers Day Best Hindi Message

मदर्स डे बेस्ट हिन्दी मैसेज
Mothers Day Best Hindi Message collection -

चिड़ियों की चहकार में गूंजे,
राधा-मोहन अली-अली
मुर्गे की आवाज से खुलती,
घर की कुंडी जैसी मां
बीवी बेटी बहन पड़ोसन,
थोड़ी-थोड़ी सी सब में
दिन भर एक रस्सी के ऊपर,
चलती नटनी जैसी मां
बांट के अपना चेहरा माथा,
आंखें जाने कहां गई
फटे पुराने इक अलबम में,
चंचल लड़की जैसी मां.
             -- निदा फ़ाजली 
 

Friday, April 8, 2016

चुनिंदा बेहतरीन उर्दू-हिन्दी शेरो-शायरी

BEST COLLECTION OF URDU-HINDI SHAYRI :



हैरान फिर रहा है इस एटम के दौर में,
अपने कफन को कांधे पे हर आदमी के लिए।
-- साजन पेशावरी

गैरों की बेवफाई का शिकवा तो है अलग,
अपने भी कर रहे हैं किनारा घड़ी-घड़ी।
-- साजन देहलवी

अब यह जाना कि इसे कहते हैं आना दिल का,
हम हंसी खेल समझते थे लगाना दिल का।
-- अमीर मीनाई

तुम मुझे भूल भी जाओ तो यह हक है तुमको,
मेरी बात और है, मैंने तो मुहब्बत की है।
-- साहिर लुधियानवी

ले दे के अपने पास फकत इक नजर तो है,
क्यों देखें जिंदगी को, किसी की नजर से हम।
-- साहिर लुधियानवी

Sunday, March 20, 2016

होली शायरी : होली पर अपने दोस्तों को भेजें येे होली शायरी

BEST HOLI SHAYRI IN HINDI
HOLI SHAYRI FOR YOUR FRIENDS
 
देख बहारें होली की
जब फागुन रंग झमकते हों तब देख बहारें होली की
और दफ़ के शोर खड़कते हों तब देख बहारें होली की
परियों के रंग दमकते हों तब देख बहारें होली की
ख़ुम, शीशए-जाम छलकते हों तब देख बहारें होली की

महबूब नशे में छकते हों तब देख बहारें होली की

गुलज़ार खिले हों परियों के और मजलिस की तैयारी हो
कपड़ों पर रंग के छीटों से ख़ुश रंग अजब गुलकारी हो
मुंह लाल, गुलाबी आंखें हों और हाथों में पिचकारी हो
उस रंग भरी पिचकारी को अंगिया पर तक कर मारी हो

सीनों से रंग ढलकते हों तब देख बहारें होली की।

और एक तरफ़ दिल लेने को महबूब भवैयों के लड़के
हर आन घड़ी गत भरते हों कुछ घट-घट के कुछ बढ़-बढ़ के
कुछ नाज़ जतावें लड़-लड़ के कुछ होली गावें अड़-अड़ के
कुछ लचकेँ शोख़ कमर पतली कुछ हाथ चले कुछ तन फड़के

कुछ काफ़िर नैन मटकते हों तब देख बहारें होली की।

                                          -- नज़ीर अकबराबादी

Friday, March 4, 2016

शेरो-शायरी : बज़्म, महफ़िल

बेस्ट हिन्दी शायरी मैसेज कलेक्शन 
BEST HINDI SHAYRI MESSAGE COLLECTION


मुझे तो होश न था उनकी बज़्म में लेकिन,
खमोशियों ने मेरी उनसे कुछ कलाम किया।
-- बहज़ाद लखनवी
वो आए बज़्म में इतना तो मीर ने देखा,
फिर उसके बाद चिराग़ों में रौशनी न रही।
-- मीर तक़ी मीर
याद रखना हम अगर इससे निकाले जायेंगे,
अपनी इक महफ़िल सजा लेंगे तेरी महफ़िल के पास।
-- दाग़
भरी महफ़िल में हर इक से बचाकर,
तेरी आंखों ने मुझसे बात कर ली।
-- फिराक़ गोरखपुरी
चिराग़ बनके जले हैं तुम्हारी महफ़िल में,
वो जिनके घर में कभी रौशनी नहीं होती।
-- नरेश कुमार शाद

Sunday, February 7, 2016

वेलेंटाइन डे : प्रेम पर बेहतरीन शेरो-शायरी


Valentine Day : Best Hindi Shayri on Love 
 
मोहब्बत एक खुशबू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हां नहीं रहता।
                             -- निदा फ़ाजली
तूने देखी है वो पेशानी, वो रुखसार, वो होठ
जिंदगी जिनके तसव्वुर में लुटा दी हमने
तुझ पे उट्ठी हैं वो खोई हुई साहिर आंखें
तुझको मालूम है क्यूं उम्र गंवा दी हमने
                            -- फ़ैज
छुपा के फूलों में मुंह सबा से जो मुस्कुराये सहर कली है
तबस्सुम उस गुल का याद करके हुई अजब दिल को बेकली है
                            -- जौक
इश्क का नग्मा जुनूं के साज पर गाते हैं हम।
अपने गम की आंच से पत्थर को पिघलाते हैं हम।।
                            -- सरदार जाफ़री
तुझको ख़बर नहीं मगर इक सादा-लौह को
बर्बाद कर दिया तेरे दो दिन के प्यार ने
                            -- साहिर लुधियानवी

Friday, January 15, 2016

गजल : मिर्जा ग़ालिब


गजल -
जिस जख्म की हो सकती हो तदबीर रफ़ू की

जिस जख्म की हो सकती हो तदबीर रफ़ू की
लिख दीजियो, या रब उसे ! क़िस्मत में अदू की
अच्छा है सर-अंगुश्त-ए-हिनाई का तसव्वुर
दिल में नजर आती तो है, एक बूंद लहू की
क्यों डरते हो उश्शाक की बे-हौसलगी से
यां तो कोई सुनता नहीं फ़रियाद किसू की
दशाने ने कभी मुंह न लगाया हो जिगर को
ख़ंजर ने कभी बात न पूछी हो गुलू की
सद हैफ़ ! वह ना-काम, कि इक उमर से ग़ालिब
हसरत में रहे एक बुत-ए-अरबदा-जू की
गो जिंदगी-ए-जाहिद-ए-बे-चारा अबस है
इतना है कि रहती तो है तदबीर वुजू की
                           --  मिर्जा ग़ालिब