Wednesday, September 30, 2015

मौत पर बेहतरीन हृदयस्पर्शी शेरो शायरी


HEART TOUCH HINDI SHAYRI -


" मौत तो उसकी है, करे जिसका जमाना अफसोस,
यूं तो दुनिया में सभी आये हैं मरने के लिए।"
-- 'महमूद' रामपुरी

" गमे जमाना जिसे आप मौत कहते हैं,
अगर ये मौत न मिलती तो मर गये होते।"
-- मोहम्मद अली 'ताज'

" उम्र फानी है तो फिर मौत से डरना कैसा
इक न इक रोज यह हंगामा हुआ रक्खा है।"
-- आसी

" जिंदगी से तो खैर शिकवा था
मुद्दतों मौत ने भी तरसाया।"
-- नरेश कुमार 'शाद'

Thursday, September 24, 2015

ईद पर बेहतरीन शायरी -





BEST COLLECTION OF EID MUBARAK SHAYRI- 

मुझे मिल गया बहाना तेरे दीद का,
कैसी खुशी ले के आया चाँद ईद का।
-- मजरुह सुल्तानपुरी

फलक के चाँद का क्या है दिखे, दिखे न दिखे,
तुम्हीं नक़ाब उठा दो तो ईद हो जाए।
-- नामालूम

चाँद नहीं है ईद का लेकिन अक्सर ईद की खुशियों का,
चाँद से पहले देता है पैगाम तुम्हारा नाम।
--जफर गोरखपुरी


Tuesday, September 15, 2015

हृदयस्पर्शी हिंदी शेरो शायरी


BEST HEART TOUCH HINDI SHAYRI


दुविधा पैदा कर दे दिलों में ईमानों को दे टकराने
बात वो कह ऐ इश्क कि सुनकर सब कायल हो कोई न माने
कांटा काटें से निकलेगा ऐसे में फूल का काम नहीं
चुभने वाली बात तो कहिए चाहे कोई बुरा ही माने।
-- फ़िराक गोरखपुरी

सुन के तेरा नाम आंखें खोल देता था कोई।
आज तेरा नाम लेकर कोई ग़ाफिल हो गया।
मौत आने तक न आये अब जो आये हो, तो हाय,
जिंदगी मुश्किल ही थी, मरना भी मुश्किल हो गया।
-- शौकत अली खां 'फानी'

जरा सी देर को आए थे ख्वाब आंखों में
फिर उसके बाद मुसलसल अजाब था आंखों में
वो जिस के नाम की निस्तब से रोशन था वजूद
खटक रहा है वही आफ़ताब आंखों में।
-- इफ्तिखार आरिफ़

Friday, September 4, 2015

जन्माष्टमी विशेष :


भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर निदा फ़ाजली जी का गजल -

वृंदावन के कृष्ण कन्हैया अल्ला हू,
बंशी, राधा, गीता, गैया अल्ला हू।

थोड़े तिनके, थोड़े दाने, थोड़ा जल,
एक ही जैसी हर गोरैया अल्ला हू।

जैसा जिसका बरतन वैसा उसका तन,
घटती-बढ़ती गंगा मैया अल्ला हू।

मौलवियों का सज्दा, पंडित की पूजा,
मजदूरों की हैया-हैया अल्ला हू।

राजस्थानी राखी मुगल कलाई पर,
चिश्ती के वरदान का भैया अल्ला हू।

एक ही दर्या-नीला, पीला, लाल, हरा,
सबकी अपनी-अपनी नैया अल्ला हू।

                           -- निदा फ़ाजली

Sunday, August 2, 2015

शेरो शायरी: मुलाकात


BEST HINDI SHAYRI -
मुलाकात पर बेहतरीन शायरी -

उस अजनबी की बात में कितनी मिठास थी,
दो पल की मुलाकात थी पर अब भी याद है।
-- स्व. चिराग रुदौल्वी


तुझे देखा नहीं है फिर भी तुमसे,
मेरी अक्सर मुलाकातें रही है।
-- कमर शेरवानी


न जी भर के देखा न कुछ बात की,
बड़ी आरजू थी मुलाकात की।
-- बशीर बद्र


नक्शा उठाके कोई नया शहर ढूंढीये,
इस शहर में तो सबसे मुलाकात हो गई।
-- निदा फ़ाजली


राह पर उनको लगा लाए तो हैं बातों में,
और खुल जाएंगे दो चार मुलाकातों में।
-- दाग़



Tuesday, July 21, 2015

शेरो- शायरी : ईद पर बेहतरीन शायरी


ईद पर बेहतरीन शायरी

ईद की ख़ुशी हम मनायें तो मनायें कैसे,
तुम्हें अपने करीब बुलायें तो बुलायें कैसे।
-- आसिफ रजा

झूम के लम्हात आए प्यारे-प्यारे ईद के,
शुक्र है रब ने दिखाए फिर नजारे ईद के.
-- नामालूम

मुझे मिल गया बहाना तेरे दीद का,
कैसी ख़ुशी ले के आया चाँद ईद का.
-- मजरूह सुल्तानपुरी

मेरे जिंदगी के मालिक मेरे दिल पे हाथ रखना,
तेरे आने की ख़ुशी में मेरा दम निकल न जाये.
-- अनवर मिर्जापुरी

कुछ सितारे तेरी पलको में भी रौशन होंगे,
कुछ रुलाएगा मुझे भी तेरा गम ईद के दिन.
-- नामालूम

आपको ईद की ख़ुशियाँ हों मुबारक लेकिन,
आपने चाँद नहीं आईना देखा होगा।
-- नामालूम

दिल में आई है याद यूं उनकी,
जैसे उभरे फलक पे ईद का चाँद।
-- जहीर निसार



Monday, July 6, 2015

शेरो-शायरी : बशीर बद्र
















हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाये
चराग़ों की तरह आँखें जलें जब शाम हो जाये


कभी तो आसमां से चाँद उतरे जाम हो जाये
तुम्हारे नाम की एक ख़ूबसूरत शाम हो जाये


अजब हालात थे यूं दिल का सौदा हो गया आख़िर
मुहब्बत की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाये


समन्दर के सफ़र में इस तरह आवाज़ दे हमको
हवाएँ तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाये


मुझे मालूम है उसका ठिकाना फिर कहाँ होगा
परिन्दा आसमां छूने में जब नाकाम हो जाये


उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये।

-- बशीर बद्र 


Sunday, June 28, 2015

बारिश पर बेहतरीन शेरो-शायरी - कहकशां - बारिश ,बरसात,घनघोर घटा

















कहकशां - बारिश ,बरसात,घनघोर घटा

घनघोर घटाएं हैं आसार हैं बारिश के,
निकलो न अभी घर से काग़ज का बदन लेकर।
-- मोहसिन अली सुहैल

किसने भीगी हुई जुल्फों से ये झटका पानी,
झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी।
-- आरजू लखनवी

काश तुम घटा लेकर गेसुओं की आ जाते,
दिल पे आग बरसाई रात भर सितारों ने।
-- अमीर अली अमीर

दिल में है लगी आग तो आंखों में हैं आंसू,
बरसात में जलता हुआ घर देख रहा हूँ।
-- सुखनवर हुसैन

कागज़ी जिस्म हैं जिनके वो घरों को जाएँ,
मुझको बरसात के मौसम का मजा लेने दो
-- स्व. रज़ा हैदरी


Tuesday, June 23, 2015

बेहतरीन हिन्दी शायरी -





















अमल से जिन्दगी बनती है, जन्नत भी जहन्नुम भी
ये खाक़ी अपनी फ़ितरत में, न नूरी है न नारी है।
-- इक़बाल
शब्दार्थ - 
खाकी - मनुष्य.
नूरी - दिव्य. 
नारी - नारकीय।

बस कि दुश्वार है हर काम का आसां होना
आदमी को भी मयस्सर नहीं इन्सां होना।
-- ग़ालिब