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Thursday, August 27, 2015
Sunday, August 2, 2015
शेरो शायरी: मुलाकात
BEST HINDI SHAYRI -
मुलाकात पर बेहतरीन शायरी -
मुलाकात पर बेहतरीन शायरी -
उस अजनबी की बात में कितनी मिठास थी,
दो पल की मुलाकात थी पर अब भी याद है।
-- स्व. चिराग रुदौल्वी
दो पल की मुलाकात थी पर अब भी याद है।
-- स्व. चिराग रुदौल्वी
तुझे देखा नहीं है फिर भी तुमसे,
मेरी अक्सर मुलाकातें रही है।
-- कमर शेरवानी
मेरी अक्सर मुलाकातें रही है।
-- कमर शेरवानी
न जी भर के देखा न कुछ बात की,
बड़ी आरजू थी मुलाकात की।
-- बशीर बद्र
बड़ी आरजू थी मुलाकात की।
-- बशीर बद्र
नक्शा उठाके कोई नया शहर ढूंढीये,
इस शहर में तो सबसे मुलाकात हो गई।
-- निदा फ़ाजली
इस शहर में तो सबसे मुलाकात हो गई।
-- निदा फ़ाजली
राह पर उनको लगा लाए तो हैं बातों में,
और खुल जाएंगे दो चार मुलाकातों में।
-- दाग़
और खुल जाएंगे दो चार मुलाकातों में।
-- दाग़
Tuesday, July 21, 2015
शेरो- शायरी : ईद पर बेहतरीन शायरी
ईद पर बेहतरीन शायरी
ईद की ख़ुशी हम मनायें तो मनायें कैसे,
तुम्हें अपने करीब बुलायें तो बुलायें कैसे।
-- आसिफ रजा
तुम्हें अपने करीब बुलायें तो बुलायें कैसे।
-- आसिफ रजा
झूम के लम्हात आए प्यारे-प्यारे ईद के,
शुक्र है रब ने दिखाए फिर नजारे ईद के.
-- नामालूम
शुक्र है रब ने दिखाए फिर नजारे ईद के.
-- नामालूम
मुझे मिल गया बहाना तेरे दीद का,
कैसी ख़ुशी ले के आया चाँद ईद का.
-- मजरूह सुल्तानपुरी
कैसी ख़ुशी ले के आया चाँद ईद का.
-- मजरूह सुल्तानपुरी
मेरे जिंदगी के मालिक मेरे दिल पे हाथ रखना,
तेरे आने की ख़ुशी में मेरा दम निकल न जाये.
-- अनवर मिर्जापुरी
तेरे आने की ख़ुशी में मेरा दम निकल न जाये.
-- अनवर मिर्जापुरी
कुछ सितारे तेरी पलको में भी रौशन होंगे,
कुछ रुलाएगा मुझे भी तेरा गम ईद के दिन.
-- नामालूम
कुछ रुलाएगा मुझे भी तेरा गम ईद के दिन.
-- नामालूम
आपको ईद की ख़ुशियाँ हों मुबारक लेकिन,
आपने चाँद नहीं आईना देखा होगा।
-- नामालूम
आपने चाँद नहीं आईना देखा होगा।
-- नामालूम
दिल में आई है याद यूं उनकी,
जैसे उभरे फलक पे ईद का चाँद।
-- जहीर निसार
जैसे उभरे फलक पे ईद का चाँद।
-- जहीर निसार
Monday, July 6, 2015
शेरो-शायरी : बशीर बद्र
हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाये
चराग़ों की तरह आँखें जलें जब शाम हो जाये
कभी तो आसमां से चाँद उतरे जाम हो जाये
तुम्हारे नाम की एक ख़ूबसूरत शाम हो जाये
तुम्हारे नाम की एक ख़ूबसूरत शाम हो जाये
अजब हालात थे यूं दिल का सौदा हो गया आख़िर
मुहब्बत की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाये
मुहब्बत की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाये
समन्दर के सफ़र में इस तरह आवाज़ दे हमको
हवाएँ तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाये
हवाएँ तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाये
मुझे मालूम है उसका ठिकाना फिर कहाँ होगा
परिन्दा आसमां छूने में जब नाकाम हो जाये
परिन्दा आसमां छूने में जब नाकाम हो जाये
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये।
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये।
-- बशीर बद्र
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Sunday, June 28, 2015
बारिश पर बेहतरीन शेरो-शायरी - कहकशां - बारिश ,बरसात,घनघोर घटा
कहकशां - बारिश ,बरसात,घनघोर घटा
घनघोर घटाएं हैं आसार हैं बारिश के,
निकलो न अभी घर से काग़ज का बदन लेकर।
-- मोहसिन अली सुहैल
-- मोहसिन अली सुहैल
किसने भीगी हुई जुल्फों से ये झटका पानी,
झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी।
-- आरजू लखनवी
झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी।
-- आरजू लखनवी
काश तुम घटा लेकर गेसुओं की आ जाते,
दिल पे आग बरसाई रात भर सितारों ने।
-- अमीर अली अमीर
दिल पे आग बरसाई रात भर सितारों ने।
-- अमीर अली अमीर
दिल में है लगी आग तो आंखों में हैं आंसू,
बरसात में जलता हुआ घर देख रहा हूँ।
-- सुखनवर हुसैन
बरसात में जलता हुआ घर देख रहा हूँ।
-- सुखनवर हुसैन
कागज़ी जिस्म हैं जिनके वो घरों को जाएँ,
मुझको बरसात के मौसम का मजा लेने दो
-- स्व. रज़ा हैदरी
मुझको बरसात के मौसम का मजा लेने दो
-- स्व. रज़ा हैदरी
Tuesday, June 23, 2015
Sunday, June 21, 2015
फादर्स डे बेस्ट मैसेज कलेक्शन ( BEST MESSAGE COLLECTION FOR FATHER'S DAY ) 21 जून 2015 -
Father's Day SMS Quotes for Whatsapp & Facebook -
जिनकी ऊँगली थाम चलना सीखा
जिनके कंधे बैठ हंसना सीखा,
जिनके प्यार से बनी ये जिंदगी
उस पिता को बारंबार बंदगी।
जिनके कंधे बैठ हंसना सीखा,
जिनके प्यार से बनी ये जिंदगी
उस पिता को बारंबार बंदगी।
HAPPY FATHER'S DAY
हर मुश्किल खुद झेल के
आगे सदा बढ़ाया हमको,
जीवन जीने का हर पाठ
गहरा ज्ञान सिखाया हमको,
ऊंचे-नीचे रास्तों में लगा गिरने
प्यार से तब उठाया हमको,
हर एक डांट में सीख थी उनकी
हर संघर्ष में आगे बढ़ाया हमको।
आगे सदा बढ़ाया हमको,
जीवन जीने का हर पाठ
गहरा ज्ञान सिखाया हमको,
ऊंचे-नीचे रास्तों में लगा गिरने
प्यार से तब उठाया हमको,
हर एक डांट में सीख थी उनकी
हर संघर्ष में आगे बढ़ाया हमको।
फादर्स डे की हार्दिक शुभ कामनाएं।
Wednesday, June 17, 2015
कहकशाँ - शेरो-शायरी - मंजर, नजारा
कहकशाँ - शेरो-शायरी - मंजर, नजारा
प्यारे प्यारे मंजर लिखना
जो कुछ लिखना सुंदर लिखना
लिखना सोच-समझकर लेकिन
सच्ची बात बराबर लिखना।
-- राही बालाघाटी
हर रस्ता हर मंजर अब तो कोई फसाना लगता है,
जबसे तुम आए हो सारा शहर सुहाना लगता है।
-- निदा फ़ाजली
जबसे तुम आए हो सारा शहर सुहाना लगता है।
-- निदा फ़ाजली
नजारा हमने है देखा तेरी नजरों के तीरों का,
कि घायल कर दिया जालिम ये पत्थर दिल को भी तूने।
-- डॉ. नथमल झंवर
कि घायल कर दिया जालिम ये पत्थर दिल को भी तूने।
-- डॉ. नथमल झंवर
झिलमिला के रह गये सब तेरी यादों के चिराग,
सामने फिर टूटते तारों के मंजर रह गये।
-- कंवल पानीपती
सामने फिर टूटते तारों के मंजर रह गये।
-- कंवल पानीपती
कितने हंसते हुए मौसम अभी आते लेकिन,
एक ही धूप ने कुम्हला दिया वे मंजर मेरा।
-- अतहर नफीस
एक ही धूप ने कुम्हला दिया वे मंजर मेरा।
-- अतहर नफीस
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Wednesday, June 10, 2015
हृदयस्पर्शी शेरो शायरी -
हृदयस्पर्शी शेरो शायरी -
गम का फ़साना सुनने वालो आखिर ए शब आराम करो,
कल ये कहानी फिर छेड़ेंगे हम भी जरा अब सो ले हैं।
-- फिराक़ गोरखपुरी
कल ये कहानी फिर छेड़ेंगे हम भी जरा अब सो ले हैं।
-- फिराक़ गोरखपुरी
गुलशन की फ़कत फूलों से नहीं, कांटों से भी जीनत होती है,
जीने के लिए इस दुनिया में गम की भी जरूरत होती है।
-- सबा अफगानी
जीने के लिए इस दुनिया में गम की भी जरूरत होती है।
-- सबा अफगानी
बहुत पहले से उन कदमों की आहट जान लेते हैं,
तुझे ए जिंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं।
जिसे सूरत बताते हैं पता देती है सीरत का,
इबारत देख कर जिस तरह मानी जान लेते हैं।
--फ़िराक गोरखपुरी
तुझे ए जिंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं।
जिसे सूरत बताते हैं पता देती है सीरत का,
इबारत देख कर जिस तरह मानी जान लेते हैं।
--फ़िराक गोरखपुरी
शौक का मर्सिया न पढ़, इश्क की बेबसी न देख,
उसकी खुशी खुशी समझ, अपनी खुशी खुशी न देख।
यह भी तेरी तरह कभी रुख से नकाब उलट न दे,
हुस्न पै अपने रहम कर इश्क की सादगी न देख।
-- सिकंदर अली 'जिगर मुरादाबादी'
उसकी खुशी खुशी समझ, अपनी खुशी खुशी न देख।
यह भी तेरी तरह कभी रुख से नकाब उलट न दे,
हुस्न पै अपने रहम कर इश्क की सादगी न देख।
-- सिकंदर अली 'जिगर मुरादाबादी'
Wednesday, May 27, 2015
जिंदगी पर बेहतरीन शायरी
जिंदगी पर बेहतरीन शायरी -
अकबर जो जिंदगी को भी समझे न जिंदगी,
उन हस्तियों से मौत भी खुद शर्मसार है।
-- अकबर उदयपुरी
उन हस्तियों से मौत भी खुद शर्मसार है।
-- अकबर उदयपुरी
जिंदगी इक आंसुओं का जाम था,
पी गये कुछ और कुछ छलका गये।
-- शाहिद कबीर
पी गये कुछ और कुछ छलका गये।
-- शाहिद कबीर
दो दिन की जिंदगी में क्या कुछ करेगा कोई,
आने का एक दिन है, जाने का एक दिन है।
-- अरशद इटावी
आने का एक दिन है, जाने का एक दिन है।
-- अरशद इटावी
अब भी इक उम्र पे, जीने का न अंदाज आया,
जिन्दगी छोड़ दे पीछा मेरा, मैं बाज आया।
-- शाद अजीमाबादी
जिन्दगी छोड़ दे पीछा मेरा, मैं बाज आया।
-- शाद अजीमाबादी
गुर जिंदगी के सीखे, खिलती हुई कली से,
लब पर है मुस्कुराहट, दिल खून हो रहा है।
-- फिराक गोरखपुरी
लब पर है मुस्कुराहट, दिल खून हो रहा है।
-- फिराक गोरखपुरी
जिन्दगी की राहों में, गम भी साथ चलते हैं,
कोई गम में हंसता है, कोई गम में रोता है।
-- खातिर गजनवी
कोई गम में हंसता है, कोई गम में रोता है।
-- खातिर गजनवी
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