Friday, January 15, 2016

गजल : मिर्जा ग़ालिब


गजल -
जिस जख्म की हो सकती हो तदबीर रफ़ू की

जिस जख्म की हो सकती हो तदबीर रफ़ू की
लिख दीजियो, या रब उसे ! क़िस्मत में अदू की
अच्छा है सर-अंगुश्त-ए-हिनाई का तसव्वुर
दिल में नजर आती तो है, एक बूंद लहू की
क्यों डरते हो उश्शाक की बे-हौसलगी से
यां तो कोई सुनता नहीं फ़रियाद किसू की
दशाने ने कभी मुंह न लगाया हो जिगर को
ख़ंजर ने कभी बात न पूछी हो गुलू की
सद हैफ़ ! वह ना-काम, कि इक उमर से ग़ालिब
हसरत में रहे एक बुत-ए-अरबदा-जू की
गो जिंदगी-ए-जाहिद-ए-बे-चारा अबस है
इतना है कि रहती तो है तदबीर वुजू की
                           --  मिर्जा ग़ालिब

Wednesday, December 30, 2015

HAPPY NEW YEAR 2017 SHAYRI -


नववर्ष 2017  हिन्दी शायरी मैसेज,फोटो, कोट्स :
NEW YEAR 2017 - BEST HINDI SHAYRI MESSAGE -










Monday, December 7, 2015

नववर्ष 2017 : नववर्ष पर बेहतरीन हिन्दी शायरी


नववर्ष 2017 : नये साल की बेहतरीन हिन्दी शायरी
BEST HINDI SHAYRI MESSAGE FOR NEW YEAR 2017 -



गुजिश्ता साल में जो कुछ हुआ बुरा ही हुआ,
उम्मीद है ये नया कुछ भला होगा।
-- काविश हैदरी
जग पुराना है चाँद- सूरज भी,
इस नये साल में नया क्या है।
-- सुख़नवर हुसैन
कितने साल गुज़र गए तेरे दीदार के लिए,
अब कुछ गुल भी ले आना इस मजार के लिए।
-- दीदार
साल भर मागूंगा खुशियाँ की दुआ तेरे लिए,
साथ कुछ दिन के रख लो अगर मेरे लिए।
-- नामालूम
एक दिन का वादा कब पूरा हुआ,
दिन महीना साल सब पूरा हुआ।
-- स्व. रज़ा हैदरी

Thursday, November 19, 2015

इश्क़ पर बेहतरीन हृदयस्पर्शी शायरी


हिन्दी शेरो-शायरी -
इश्क़ पर बेहतरीन हृदयस्पर्शी शायरी -


मरीजे इश्क़ पर रहमत खुदा की।
मर्ज बढ़ता गया ज्यूं ज्यूं न दवा की।।
-- नामालूम
अब इत्र भी मलो तो मोहब्बत की बू नहीं,
वो दिन हवा हुए कि जब पसीना गुलाब था।
-- माधोराम 'जौहर'
मकतबे-इश्क का 'मोमिन' है निराला दस्तूर,
उसको छुट्टी न मिली जिसको सबक याद हुआ।
-- नामालूम
इश्क ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया,
वरना हम भी आदमी थे काम के।
-- मिर्जा ग़ालिब


Thursday, November 5, 2015

दीपावली विशेष 2015 : उजाले की शायरी


DEEPAWALI 2015 - BEST SHAYRI MESSAGE


रोशनी तेज करो चाँद सितारों अपनी,
मुझ को मंजिल पे पहुंचना है सहर होने तक।
-- फलक देहलवी

लोग लड़ते रहे रोशनी के लिए
घुप्प अंधेरों का साम्राज्य चलता रहा
दीप था मैं मगर मैं भी खुदगर्ज था,
अपने कमरे में चुपचाप जलता रहा।
-- प्रवीण प्रवाह

इतना सच बोल के होठों का तबस्सुम न बुझे,
रोशनी खत्म न कर आगे अंधेरा होगा।
-- निदा फ़ाजली

बुझा दो आज की शब बज्म के सारे चिरागों को,
रुखे रोशन के आगे रोशनी अच्छी नहीं लगती।
-- मोहसिन अली सुहैल

जहां रहेगा वहीं रोशनी लुटाएगा
किसी चिराग का अपना मकां नहीं होता.
-- वसीम बरेलवी


Sunday, October 25, 2015

बेहतरीन शायरी संग्रह


BEST SHAYRI COLLECTION -


मुझ सा बुरा न कोय
न थी हाल की जब हमें अपनी खबर
रहे देखते औरों के ऐबो-हुनर
पड़ी अपनी बुराइयों पे जो नजर
तो निगाह में कोई बुरा न रहा।
              -- बहादुरशाह 'जफर'

खुद क्या हैं
जो चाहिए देखना न देखा हमने
हर शै पे किया है गौर क्या हमने
औरों का समझना तो बहुत मुश्किल है
खुद क्या हैं इसी को कुछ न समझा हमने।
                           -- 'शाद' अजीमाबादी


Saturday, October 10, 2015

ऊर्दू शायरी - दुनिया


बेहतरीन ऊर्दू शेरो-शायरी-


दुनिया

दुनिया भी अजब सरा-ए-फानी देखी।
हर चीज यहां की आनी-जानी देखी।
जो आके न जाए वो बुढ़ापा देखा,
जो जाके न जाए वो जवानी देखी।।
क्या-क्या दुनिया से साहिबे-माल गये।
दौलत न गई साथ, न अतफाल गये।
पहुंचा के लहद तक फिर आये सब लोग,
हमराह अगर गये तो आमाल गये।।
                         -- मीर 'अनीस'

शब्दार्थ - सरा-ए-फानी = नाशवान स्थान।
साहिबे माल = संपत्ति के स्वामी।
अतफाल = बालबच्चे।
लहद = कब्र।
हमराह = साथ साथ।
आमाल = कर्म।

Wednesday, September 30, 2015

मौत पर बेहतरीन हृदयस्पर्शी शेरो शायरी


HEART TOUCH HINDI SHAYRI -


" मौत तो उसकी है, करे जिसका जमाना अफसोस,
यूं तो दुनिया में सभी आये हैं मरने के लिए।"
-- 'महमूद' रामपुरी

" गमे जमाना जिसे आप मौत कहते हैं,
अगर ये मौत न मिलती तो मर गये होते।"
-- मोहम्मद अली 'ताज'

" उम्र फानी है तो फिर मौत से डरना कैसा
इक न इक रोज यह हंगामा हुआ रक्खा है।"
-- आसी

" जिंदगी से तो खैर शिकवा था
मुद्दतों मौत ने भी तरसाया।"
-- नरेश कुमार 'शाद'

Thursday, September 24, 2015

ईद पर बेहतरीन शायरी -





BEST COLLECTION OF EID MUBARAK SHAYRI- 

मुझे मिल गया बहाना तेरे दीद का,
कैसी खुशी ले के आया चाँद ईद का।
-- मजरुह सुल्तानपुरी

फलक के चाँद का क्या है दिखे, दिखे न दिखे,
तुम्हीं नक़ाब उठा दो तो ईद हो जाए।
-- नामालूम

चाँद नहीं है ईद का लेकिन अक्सर ईद की खुशियों का,
चाँद से पहले देता है पैगाम तुम्हारा नाम।
--जफर गोरखपुरी


Tuesday, September 15, 2015

हृदयस्पर्शी हिंदी शेरो शायरी


BEST HEART TOUCH HINDI SHAYRI


दुविधा पैदा कर दे दिलों में ईमानों को दे टकराने
बात वो कह ऐ इश्क कि सुनकर सब कायल हो कोई न माने
कांटा काटें से निकलेगा ऐसे में फूल का काम नहीं
चुभने वाली बात तो कहिए चाहे कोई बुरा ही माने।
-- फ़िराक गोरखपुरी

सुन के तेरा नाम आंखें खोल देता था कोई।
आज तेरा नाम लेकर कोई ग़ाफिल हो गया।
मौत आने तक न आये अब जो आये हो, तो हाय,
जिंदगी मुश्किल ही थी, मरना भी मुश्किल हो गया।
-- शौकत अली खां 'फानी'

जरा सी देर को आए थे ख्वाब आंखों में
फिर उसके बाद मुसलसल अजाब था आंखों में
वो जिस के नाम की निस्तब से रोशन था वजूद
खटक रहा है वही आफ़ताब आंखों में।
-- इफ्तिखार आरिफ़